
मध्य पूर्व में तनाव का असर: सोनभद्र का युवक विदेश में फंसा, घर वापसी की लगाई गुहार।

दुद्धी सोनभद्र के विंढमगंज थाना क्षेत्र के महुली ग्राम पंचायत अंतर्गत जोरूखाड़ गांव निवासी धर्मेंद्र कुमार कनौजिया (उम्र लगभग 30 वर्ष) इन दिनों मध्य पूर्व के तनावपूर्ण हालात के बीच विदेश में फंसे हुए हैं। धर्मेंद्र, पुत्र रमाशंकर कनौजिया, पिछले वर्ष फरवरी-मार्च में एक साल के वीजा पर काम करने के लिए कतर के दोहा गए थे। उनका वीजा 6 मार्च को समाप्त हो रहा था और 7 मार्च को उनकी भारत वापसी की फ्लाइट निर्धारित थी।लेकिन दुर्भाग्यवश, फ्लाइट से पहले ही इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के चलते क्षेत्र में हालात बिगड़ गए। सुरक्षा कारणों से कई कंपनियों ने अपनी उड़ानें रद्द कर दीं, जिससे धर्मेंद्र की घर वापसी का सपना अधूरा रह गया। वर्तमान में वह वहीं फंसे हुए हैं और लगातार भय और अनिश्चितता के माहौल में जीने को मजबूर हैं।धर्मेंद्र ने फोन पर बताया कि वहां दिन-रात हमलों और तनाव की खबरों के कारण भारी दहशत का माहौल है। उन्होंने कहा कि न तो ठीक से नींद आ रही है और न ही भूख लग रही है। हर समय अपने परिवार की चिंता सताती रहती है। उन्होंने भारत सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील करते हुए कहा कि किसी भी तरह उन्हें सुरक्षित भारत वापस लाया जाए।इधर, जोरूखाड़ गांव में धर्मेंद्र के परिवार की हालत भी बेहद चिंताजनक बनी हुई है। माता-पिता और अन्य परिजन दिन-रात उनकी सुरक्षित वापसी के लिए प्रार्थना कर रहे हैं। गांव में भी इस घटना को लेकर चिंता और चर्चा का माहौल है।ग्रामीणों ने भी सरकार से मांग की है कि विदेशों में फंसे भारतीय नागरिकों की जल्द से जल्द सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की जाए, ताकि धर्मेंद्र जैसे युवाओं को राहत मिल सके और उनके परिवारों की चिंता दूर हो सके।



