केतार/अमवाडीह। विजयादशमी के अवसर पर अमवाडिह बाज़ार प्रांगण में पारंपरिक राम–सीता विवाह का आयोजन किया गया। जिसमे आयोजनकर्ताओं ने गावं गावं घुम कर कार्ड बाटां लोगों को आने के बाद इस मौके पर गाँव की महिलाओं ने परंपरागत अंदाज में गारी गीत गाकर कार्यक्रम की रौनक बढ़ा दी।
राम–सीता विवाह की झांकी के दौरान जब बारात मंडप में पहुँची तो महिलाओं ने हंसी-ठिठोली वाले गीत गाते हुए माहौल को जीवंत कर दिया। वरमाला, मंडप प्रवेश और विदाई के समय गाए गए गीतों में पारंपरिक हास-परिहास झलक रहा था।
ग्रामीणों ने कहा कि गारी गीत हमारी सांस्कृतिक पहचान हैं,जो विवाह और पर्व-त्योहारों में विशेष महत्व रखते हैं। दशहरा पर्व पर आयोजित राम विवाह में इन गीतों ने पुराने दिनों की याद ताज़ा कर दी।



