
बुटवेढ़वा में सरकारी हैंडपंप पर निजी समरसेबल लगाने से हंगामा, ग्रामीणों के दबाव में हटाया गया उपकरण।
दुद्धि विकासखंड के अंतर्गत ग्राम पंचायत बुटवेढ़वा में सरकारी संपत्ति से छेड़छाड़ का मामला सामने आते ही गांव में आक्रोश की लहर दौड़ गई। गांव निवासी सुनील कुमार गुप्ता द्वारा सार्वजनिक उपयोग के लिए स्थापित सरकारी हैंडपंप में निजी समरसेबल पंप लगाए जाने की सूचना मिलते ही ग्रामीणों ने इसका कड़ा विरोध किया। लोगों का कहना था कि सरकारी हैंडपंप पूरे गांव की जरूरतों के लिए होता है, उसे निजी उपयोग में लेना सरासर गलत है।
मामले की जानकारी मिलते ही ग्राम प्रधान प्रतिनिधि संजय कुमार गुप्ता मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों के साथ उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकारी संपत्ति को निजी संपत्ति में बदलना न केवल सामाजिक रूप से अनुचित है, बल्कि यह कानूनी अपराध की श्रेणी में भी आता है। बढ़ते विरोध और जनदबाव के बीच आज दिनांक 1 मार्च 2026 को सुबह लगभग 10 बजे हैंडपंप मिस्त्री को बुलाकर संबंधित निजी समरसेबल को हैंडपंप से बाहर निकलवा दिया गया।
ग्रामीणों ने एकजुट होकर यह संदेश दिया कि गांव की सार्वजनिक संपत्ति पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण या निजी कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पानी जैसी मूलभूत सुविधा पर किसी एक व्यक्ति का अधिकार नहीं हो सकता। यह पूरे समाज की साझा धरोहर है।
ग्राम प्रधान प्रतिनिधि ने सभी ग्रामीणों से अपील की कि वे सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा और निगरानी स्वयं करें। साथ ही संबंधित विभागीय अधिकारियों और उच्चाधिकारियों से भी मांग की गई कि समय-समय पर निरीक्षण कर ऐसी घटनाओं पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग करने की हिम्मत न कर सके।
यह घटना गांव में चर्चा का विषय बनी हुई है और लोगों में जागरूकता का नया संदेश दे रही है—“सरकारी संपत्ति, जनता की जिम्मेदारी।”
सोनभद्र से जितेंद्र प्रसाद
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