
पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष नियामतुल्ला ने विद्युत विभाग पर साधा निशाना, पोस्ट-पेड व्यवस्था बहाल करने की उठाई मांग।
रिपोर्ट: सोनभद्र ब्यूरो चीफ जितेन्द्र प्रसाद
राबर्ट्सगंज/सोनभद्र: जिले में बिजली व्यवस्था को लेकर लोगों का गुस्सा अब खुलकर सामने आने लगा है। प्री-पेड मीटर प्रणाली और बिना मीटर रीडिंग के भेजे जा रहे कथित मनमाने बिजली बिलों से उपभोक्ता खासे परेशान हैं। इस मुद्दे पर कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष (अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ) नियामतुल्ला ने विद्युत विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे आम जनता के साथ अन्याय बताया है।
उन्होंने कहा कि पहले पोस्ट-पेड मीटर व्यवस्था में उपभोक्ताओं को हर माह स्पष्ट रीडिंग और यूनिट की जानकारी मिलती थी, जिससे बिल को समझना और भुगतान करना आसान होता था। लेकिन प्री-पेड मीटर लागू होने के बाद उपभोक्ताओं को यह समझ ही नहीं आ रहा कि उनका बैलेंस किस आधार पर कट रहा है। खासकर गरीब, बुजुर्ग और तकनीकी जानकारी से दूर लोगों के लिए यह व्यवस्था बड़ी परेशानी बन गई है।
नियामतुल्ला ने यह भी आरोप लगाया कि विभाग छोटी-सी बकाया राशि पर भी बिना पूर्व सूचना के बिजली कनेक्शन काट दे रहा है, जिससे कई परिवारों को अंधेरे में रहने को मजबूर होना पड़ रहा है। उन्होंने इसे “जनता के साथ सीधा छल” करार दिया।
मुख्य मांगें इस प्रकार हैं:
प्री-पेड मीटर प्रणाली को तत्काल प्रभाव से समाप्त कर पोस्ट-पेड व्यवस्था लागू की जाए।
बिजली बिल में मीटर रीडिंग और खपत यूनिट का स्पष्ट विवरण दिया जाए।
त्रुटिपूर्ण बिलों में सुधार कर उपभोक्ताओं को पारदर्शी जानकारी उपलब्ध कराई जाए।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो जनता आंदोलन के लिए बाध्य होगी। फिलहाल इस मुद्दे ने जिले में बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।



