
ग्राम पंचायत बुटवेढवा के विद्यालय को पुनः संचालित या सामाजिक कार्यों में उपयोग की उठी मांग।
सोनभद्र जिले की दुद्धी तहसील के अंतर्गत ग्राम पंचायत बुटवेढवा के मुडिसेमर चौराहा स्थित प्राथमिक विद्यालय एक बार फिर चर्चा में है। विण्ढमगंज बाजार के लोगों द्वारा बनाए गए कुंडे के दान और विद्यालय परिसर की संरचना को देखते हुए ग्रामीणों ने इसकी उपयोगिता को लेकर आवाज बुलंद की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह विद्यालय वर्षों से बंद पड़ा है, जिससे सरकारी संपत्ति का सही उपयोग नहीं हो पा रहा है। उनका मानना है कि यदि यह विद्यालय दोबारा शुरू किया जाए, तो ग्रामीण बच्चों को शिक्षा का बेहतर अवसर मिलेगा और सरकारी भवन अपनी मूल भूमिका में लौट सकेगा।
ग्रामीणों ने बताया कि पहले यहां बच्चे पढ़ने आते थे, लेकिन कुछ समय से स्कूल संचालन ठप पड़ा हुआ है। बाजार क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, व्यापारियों और समाजसेवियों ने यहां कुंडा बनाकर दान दिया ताकि विद्यालय परिसर साफ-सुधरा और सुव्यवस्थित रहे। मगर संचालन न होने के कारण अब भवन खाली पड़ा है और इसका उपयोग सीमित हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि एक ओर सरकार शिक्षा के विस्तार की बात कर रही है, वहीं दूसरी ओर पहले से बने हुए विद्यालय बंद पड़े हैं, जो संसाधनों की बर्बादी जैसा है।
समाज के लोगों ने यह भी सुझाव दिया है कि यदि किसी कारण विद्यालय को पुनः नहीं चलाया जा सकता, तो इसे सामाजिक गतिविधियों, सामुदायिक बैठकों, स्वास्थ्य शिविरों, महिला समूह बैठकों, या बच्चों के प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए उपयोग में लिया जाए। उनका दावा है कि ऐसा करने से भवन सुरक्षित भी रहेगा और जनता को प्रत्यक्ष लाभ भी मिलेगा।
संभव है कि सरकार या स्थानीय प्रशासन इस मांग पर संज्ञान ले और भवन की स्थिति का आकलन करे। ग्रामीण उम्मीद कर रहे हैं कि या तो विद्यालय दोबारा से शिक्षण कार्य के लिए चालू हो या फिर इसे समाजिक उपयोग के लिए विकसित किया जाए, ताकि वर्षों से बनी यह सरकारी जमीन और संरचना सही उद्देश्य के साथ जीवंत रह सके। समाज का संदेश स्पष्ट है — संसाधन हों तो उनका उपयोग भी हो, और यह विद्यालय इसी उम्मीद के साथ ग्रामीणों की नजरों में बना हुआ है।
विंढमगंज सोनभद्र से जितेंद्र प्रसाद, भारत दृष्टि लाइव न्यूज़



