
कड़ाके की ठंड में मानवता की मिसाल: सोननगर टोले में भाजपा नेता सुरेंद्र अग्रहरि ने बांटे कंबल।

विण्ढमगंज (सोनभद्र)।
भीषण ठंड और शीतलहर की चपेट में जूझ रहे जोरुखाड़ क्षेत्र के टोला सोननगर के ग्रामीणों को राहत पहुंचाने के उद्देश्य से भाजपा नेता सुरेंद्र अग्रहरि द्वारा कंबल वितरण किया गया। बर्फीली हवाओं और गलनभरी रातों में ठिठुर रहे ग्रामीणों के बीच यह पहल किसी संजीवनी से कम नहीं रही।
टोला सोननगर की स्थिति अत्यंत दयनीय बनी हुई है। यहां मूलभूत सुविधाओं का घोर अभाव है। ग्रामीण नाले का गंदा पानी पीने को विवश हैं, जबकि बिजली और सोलर लाइट जैसी सुविधाएं पूरी तरह नदारद हैं। अंधेरे और ठंड में गुजरती रातें यहां के लोगों की रोजमर्रा की मजबूरी बन चुकी हैं।
कंबल वितरण के दौरान भाजपा नेता सुरेंद्र अग्रहरि ने कहा कि टोले की बदहाल स्थिति देखकर उन्होंने तत्काल सहायता का निर्णय लिया। उन्होंने बताया कि यहां अगरिया, भुइयां, गौड़, पनिका, मौर्या, घसिया एवं हरिजन समुदाय के लोग निवास करते हैं, जो वर्षों से गरीबी, उपेक्षा और अभाव का जीवन जी रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार विकास के संकल्प के साथ निरंतर कार्य कर रही है, लेकिन ऐसे पिछड़े इलाकों में मानवीय सहयोग भी उतना ही जरूरी है।
अग्रहरि ने कंबल वितरण में वृद्धजनों, महिलाओं और बच्चों को प्राथमिकता दी। साथ ही ग्रामीणों की अन्य समस्याओं को भी गंभीरता से सुना, जिनमें पेयजल संकट, बिजली आपूर्ति और सड़क निर्माण प्रमुख रहे। उन्होंने आश्वासन दिया कि इन सभी समस्याओं को संबंधित विभागों और उच्च अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा।
टोला सोननगर के निवासी रमेश गौड़ ने कहा कि कंबल मिलने से ठंड से राहत जरूर मिलेगी, लेकिन स्थायी समाधान के लिए हैंडपंप और बिजली की व्यवस्था अत्यंत आवश्यक है। वहीं वृद्ध महिला सुशीला देवी ने भावुक स्वर में कहा कि कंबल से ठंडी और अंधेरी रातों में कुछ राहत मिली है।
इस अवसर पर ग्राम प्रधान विमल यादव एवं जितेंद्र अग्रहरि भी मौजूद रहे। ग्राम प्रधान ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि सुरेंद्र अग्रहरि की यह मदद ग्रामीणों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है और सभी मिलकर गांव के विकास के लिए प्रयासरत रहेंगे।
सोनभद्र जैसे आदिवासी बहुल जिले में इस प्रकार की मानवीय पहलें सामाजिक एकता और संवेदनशीलता को मजबूत करती हैं। ग्रामीणों को उम्मीद है कि आने वाले समय में उन्हें बुनियादी सुविधाओं का लाभ भी मिल सकेगा।



