
शिक्षा विभाग व प्रधानाचार्य की मनमानी पर फूटा अभिभावकों का गुस्सा, 9 दिसंबर को होगी बड़ी बैठक।

विंढमगंज, सोनभद्र।
भारतीय इंटरमीडिएट कॉलेज में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों और समाजसेवी वर्ग में आज गहरा असंतोष देखने को मिला। कॉलेज के अंग्रेजी शिक्षक दिनेश मणि त्रिपाठी के स्थानांतरण के मुद्दे पर शनिवार को अभिभावक समूह विद्यालय पहुंचा, लेकिन प्रधानाचार्य राजेश सर की अनुपस्थिति ने अभिभावकों के बीच नाराजगी को और बढ़ा दिया।
अभिभावकों का कहना है कि अंग्रेजी विषय के शिक्षक का अचानक स्थानांतरण छात्रों के हित के विरुद्ध है और इससे उनकी पढ़ाई पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। वे आरोप लगाते हैं कि शिक्षा विभाग और स्कूल प्रबंधन की मनमानी के कारण बच्चों का भविष्य संकट में है। स्थानीय समाजसेवियों ने भी इस कदम की आलोचना करते हुए कहा कि विद्यालय प्रबंधन को इस महत्वपूर्ण शैक्षणिक स्थिति पर अभिभावकों से संवाद करना चाहिए था।
शनिवार को प्रधानाचार्य के न मिलने के कारण अभिभावक प्रतिनिधिमंडल बिना किसी समाधान के लौट आया। इससे शिक्षण व्यवस्था और प्रबंधन की संवेदनहीनता को उजागर बताया जा रहा है। कई लोगों ने इसे शिक्षा विभाग की लापरवाही बताया है और इसे ठीक करने के लिए सामूहिक आवाज उठाने की आवश्यकता बताई है।
इसी क्रम में अभिभावकों, समाजसेवियों और प्रबुद्ध नागरिकों ने आगामी मंगलवार, 9 दिसंबर 2025 को दोपहर 12 बजे पुनः विद्यालय में एकजुट होने का निर्णय लिया है। उनका कहना है कि इस बार बड़ी संख्या में पहुंचकर मुद्दे को मजबूती से उठाया जाएगा और छात्रों के हितों की सुरक्षा की मांग की जाएगी।
अभिभावकों का स्पष्ट कहना है कि शिक्षा और भविष्य से जुड़ी समस्याओं पर किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं है। यदि जरूरत पड़ी तो वे इस मुद्दे को उच्च अधिकारियों के समक्ष भी उठाएंगे।
अब देखना यह है कि 9 दिसंबर को होने वाली बैठक में शिक्षा विभाग एवं विद्यालय प्रशासन अभिभावकों की चिंताओं को गंभीरता से सुनते हुए किसी सकारात्मक निर्णय तक पहुंचता है या नहीं। छात्रों के हित में समाधान की उम्मीद पर सभी की नजरें टिकी हैं।
विंढमगंज सोनभद्र से
जितेंद्र प्रसाद
भारत दृष्टि लाइव न्यूज़



