
सरकारी बांध में डूबे मासूम की खोज तीन दिन से जारी, केवाल गांव में डर और आक्रोश — प्रशासन पर तेज़ कार्रवाई का दबाव
विंढमगंज/सोनभद्र।
विकासखंड दुद्धी के ग्राम पंचायत केवाल में स्थित सरकारी बांध के किनारे रविवार 30 नवंबर की शाम लगभग 6:30 बजे 14 वर्षीय आशीष कुमार पुत्र प्रेमचंद यादव की डूबने से हुई मौत ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। ग्रामीणों की मानें तो आशीष बांध के किनारे पैंट, शर्ट व चप्पल रखकर पानी में उतरा था। इसी दौरान उसका बड़ा भाई उसकी चीख-पुकार “बचाओ-बचाओ” सुनकर दौड़ा, लेकिन तब तक युवक गहरे पानी में समा चुका था।
घटना के बाद आसपास के ग्रामीण बड़ी संख्या में बांध पर इकट्ठा हो गए और उसी रात स्थानीय लोगों ने अपने स्तर पर खोज शुरू कर दी। सूचना मिलते ही विंढमगंज थाना प्रभारी चंद्रशेखर सिंह दल-बल के साथ स्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने रात के अंधेरे और सर्दी को देखते हुए अगले दिन तलाश शुरू करने का आश्वासन दिया।
सुबह प्रशासन की निगरानी में मछुआरों को नाव व जाल के साथ लगाया गया। लगभग 8 घंटे तक जारी प्रयास के बावजूद कुछ हाथ नहीं आया तो समाजसेवी श्रवण सिंह गोंड़ मौके पर पहुंचे और परिवार को विश्वास दिलाया कि बच्चे की लाश जल्द मिलेगी। उन्होंने अधिकारियों से बात कर एसडीआरएफ टीम की मांग रखी।
सूचना मिलने पर एसडीआरएफ टीम समाजसेवी हरिनाथ यादव के आवास पहुंची, जहां ग्रामीणों और समाजसेवियों ने टीम की व्यवस्था की। मंगलवार 2 दिसंबर की सुबह 8:30 बजे से एसडीआरएफ टीम ने खोज अभियान शुरू किया, लेकिन दोपहर तक भी कोई सफलता नहीं मिली। टीम ने बताया कि खोज जारी है और वे हर संभव प्रयास में लगे हुए हैं ताकि परिवार का दर्द कम हो सके।
उधर विंढमगंज क्षेत्र के कई गांवों से सैकड़ों ग्रामीण घटनास्थल पर जुटे हैं। हर कोई बांध की ओर टकटकी लगाए बैठा है, उम्मीद में कि कभी-न-कभी बच्चे का शव मिल जाए और मासूम आत्मा को शांति मिले।
तीन दिन गुजर जाने के बाद भी बच्चे का शव न मिलना स्थानीय प्रशासन की आपदा प्रबंधन तैयारी पर सवाल खड़ा करता है। ग्रामीणों में नाराजगी है कि यदि समय रहते त्वरित बचाव संसाधन उपलब्ध होते तो शायद स्थिति अलग होती। यह घटना न केवल संवेदनशील प्रशासनिक हस्तक्षेप की मांग करती है, बल्कि जन सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा के लिए भी एक चेतावनी है।
विण्ढमगंज सोनभद्र से — जितेंद्र प्रसाद, भारत दृष्टि लाइव न्यूज़



