
विण्ढमगंज थाना क्षेत्र में बालू माफियाओं का बढ़ता आतंक, प्रशासन और वन विभाग की भूमिका पर गंभीर सवाल
विण्ढमगंज (सोनभद्र)। विण्ढमगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत कनहर नदी में अवैध बालू खनन का कारोबार बेलगाम होता जा रहा है। बालू माफियाओं के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि दिनदहाड़े नेशनल हाईवे एनएच-39 पर ट्रैक्टरों के जरिए खुलेआम बालू की ढुलाई की जा रही है, जबकि शासन-प्रशासन और संबंधित विभाग मौन साधे हुए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह अवैध खनन अब किसी छिपे हुए खेल का हिस्सा नहीं रहा, बल्कि सबके सामने हो रहा है।
सूत्रों के अनुसार प्रतिदिन लगभग 10 से अधिक ट्रैक्टर बिना किसी वैध परमिट के कनहर नदी से बालू निकालकर सड़कों पर दौड़ते नजर आते हैं। यह खनन न केवल खनन नियमों का खुला उल्लंघन है, बल्कि पर्यावरण और नदी के अस्तित्व के लिए भी गंभीर खतरा बन चुका है। नदी के किनारे बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं, जिससे बरसात के मौसम में दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ गई है। इसके बावजूद न तो विण्ढमगंज प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई दिखाई दे रही है और न ही वन विभाग की सक्रियता नजर आ रही है।
स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों का आरोप है कि अवैध खनन में लगे ट्रैक्टर दिनभर एनएच-39 पर फर्राटा भरते हैं, जिससे सड़क सुरक्षा भी खतरे में है। कई बार तेज रफ्तार ट्रैक्टरों से हादसे होते-होते बचे हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी आंखें मूंदे बैठे हैं। लोगों में यह चर्चा आम है कि बिना स्थानीय प्रशासन और विभागीय मिलीभगत के इतने बड़े पैमाने पर खनन संभव नहीं है।
वन विभाग की भूमिका भी सवालों के घेरे में है, क्योंकि कनहर नदी का क्षेत्र वन सीमा से जुड़ा हुआ माना जाता है। इसके बावजूद खनन पर रोक नहीं लग पा रही है। यदि समय रहते इस पर अंकुश नहीं लगाया गया तो आने वाले दिनों में नदी का प्राकृतिक स्वरूप पूरी तरह नष्ट हो सकता है।
अब सवाल यह है कि क्या विण्ढमगंज प्रशासन और वन विभाग इस अवैध खनन पर लगाम लगाएंगे या फिर बालू माफियाओं के आगे कानून यूं ही बेबस नजर आता रहेगा। क्षेत्र की जनता जल्द से जल्द सख्त कार्रवाई की मांग कर रही है।
विण्ढमगंज, सोनभद्र से
जितेंद्र प्रसाद
भारत दृष्टि लाइव न्यूज़



