
विंढमगंज सोनभद्र: झारखंड बॉर्डर पर पहुंची बिरसा संदेश रथ यात्रा, जयघोष के बीच युवाओं ने किया भव्य स्वागत

विंढमगंज (सोनभद्र)। झारखंड की ओर से आ रही बिरसा संदेश रथ यात्रा आज सुबह करीब 10 बजे विंढमगंज थाना क्षेत्र के झारखंड बॉर्डर पर पहुंचते ही स्थानीय कार्यकर्ताओं और युवाओं द्वारा भव्य स्वागत किया गया।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के अमन कुमार जायसवाल के नेतृत्व में दर्जनों युवाओं ने जयघोष के बीच रथ का स्वागत कर यात्रा में सहभागिता की।
अमन कुमार जायसवाल ने इस मौके पर कहा कि “झारखंड और देश में स्वतंत्रता आंदोलन की शुरुआत सबसे पहले जनजातीय नायकों ने की थी। अंग्रेजों और विदेशी शक्तियों के विरुद्ध सबसे प्रारंभिक विद्रोह का नेतृत्व आदिवासी समाज ने किया है। भगवान बिरसा मुंडा ने केवल 25 वर्ष की आयु में समाज को मिट्टी, संस्कृति और परंपरा से जुड़े रहने का संदेश दिया। आज जनजातीय क्षेत्रों में धर्मांतरण और सांस्कृतिक विघटन जैसी समस्याएँ बढ़ रही हैं, जिनसे निपटने के लिए समाज का सजग होना आवश्यक है।”
वहीं भाजपा नेता रामनरेश पासवान ने कहा कि “स्वतंत्रता, स्वाभिमान और सामाजिक चेतना का मार्ग भगवान बिरसा मुंडा ने ही दिखाया। आज आदिवासी समाज अपनी सांस्कृतिक पहचान के संकट से गुजर रहा है, जिसे समझने और सुधारने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी है।”
भाजपा मंडल अध्यक्ष वीरेंद्र चौधरी ने भी कहा कि “अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता बिरसा मुंडा के विचार—शराबबंदी, स्वच्छता, सामाजिक सद्भाव और परिवार प्रबोधन—को घर-घर पहुंचाने के लिए अभियान चला रहे हैं। बिरसा मुंडा का जीवन पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत है।”
इसके बाद बिरसा संदेश रथ यात्रा रांची–रीवा राष्ट्रीय राजमार्ग पर भगवान बिरसा मुंडा की जय-जयकार करते हुए हलवाई चौक, सुभाष तिराहा, मुडिसेमर तिराहा, काली मंदिर, मा सीता माई स्थान सहित कई प्रमुख स्थानों से गुजरती हुई आगे बढ़ी। गगनभेदी नारों के बीच दर्जनों कार्यकर्ता यात्रा के साथ चलते रहे।



