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मतदाता सूची में बड़ा खेल! 2003 से दर्ज नाम भी गायब बीएलओ की मेहनत पर कंप्यूटर क्लर्क की लापरवाही भारी, दुद्धी में उबाल।


मतदाता सूची में बड़ा खेल! 2003 से दर्ज नाम भी गायब बीएलओ की मेहनत पर कंप्यूटर क्लर्क की लापरवाही भारी, दुद्धी में उबाल।


दुद्धी (सोनभद्र)।
भारत निर्वाचन आयोग द्वारा कराए जा रहे मतदाता विशेष पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यक्रम में दुद्धी नगर पंचायत क्षेत्र से बेहद गंभीर और चौंकाने वाली लापरवाही सामने आई है। घर-घर जाकर बीएलओ द्वारा फार्म भरवाने, फोटो लेने और दस्तावेज संकलन के बावजूद सन 2003 से मतदाता सूची में दर्ज कई मतदाताओं के नाम नवीन प्रकाशित सूची से गायब हो गए हैं। इससे क्षेत्र के मतदाताओं में भारी रोष और आक्रोश व्याप्त है।
नगर पंचायत दुद्धी अंतर्गत कुल 11 वार्ड (विस्तारित होकर 12 वार्ड) में मतदाता विशेष पुनरीक्षण का कार्य बीएलओ भाग संख्या-312 (नौशाद अहमद), 311 (सुशील कुमार गुप्ता), 306 (अवधेश कुमार), 310 (पूनम देवी) एवं 313 (इंदु देवी) द्वारा किया गया। बीएलओ ने सन 2003 की पुरानी मतदाता सूची में दर्ज मतदाताओं के घर-घर जाकर फार्म भरवाए और समय से कार्यालय में जमा भी किए। इसके बावजूद कार्यालय स्तर पर हुई गंभीर कंप्यूटर फीडिंग त्रुटियों ने पूरे अभियान की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
वार्ड संख्या-1 निवासी शनि कुमार पुत्र कन्हैयालाल एवं अंजली कुमारी पुत्री कन्हैयालाल, जो वर्ष 2003 से पहले और कई बार मतदान कर चुके हैं, उनके नाम नवीन मतदाता सूची से पूरी तरह गायब हैं। इतना ही नहीं, एक ही परिवार के सदस्यों के नाम अलग-अलग क्रम संख्या पर डाल दिए गए हैं—जहां परिवार का नाम क्रम संख्या 151 पर था, वहीं अन्य सदस्यों को उठाकर क्रम संख्या 684 पर पहुंचा दिया गया। इससे मतदान के समय मतदाताओं के भ्रमित होने की पूरी आशंका है।
मतदाताओं का कहना है कि उन्होंने नए फोटो सहित फार्म दिए थे, जिन्हें बीएलओ ने विधिवत कार्यालय को भेजा, लेकिन कंप्यूटर क्लर्क और संबंधित कर्मचारियों की घोर लापरवाही से मतदाता सूची में भारी गड़बड़ी हो गई। यह स्थिति न केवल निर्वाचन आयोग की मंशा पर पानी फेर रही है, बल्कि लोकतांत्रिक अधिकारों का सीधा हनन भी है।
क्षेत्रवासियों ने जिलाधिकारी सोनभद्र एवं उप जिलाधिकारी दुद्धी से मांग की है कि मामले का तत्काल संज्ञान लेकर जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों पर कठोर कार्रवाई की जाए। साथ ही पुनः सुधार फार्म भरवाकर सही ढंग से कंप्यूटर फीडिंग, फोटो अपलोड और एक परिवार के सदस्यों का नाम एक ही स्थान पर दर्ज कराया जाए। आगामी चुनाव को देखते हुए निर्वाचन आयोग उत्तर प्रदेश को इस गंभीर लापरवाही पर तत्काल हस्तक्षेप करना होगा, अन्यथा इसका सीधा असर निष्पक्ष चुनाव पर पड़ेगा।

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