
भगवान श्रीराम विवाह उत्सव: विंढमगंज–झारखंड बॉर्डर पर धूमधाम से सम्पन्न, श्रद्धालुओं का उमड़ा जनसैलाब

उत्तर प्रदेश व झारखंड की सीमा पर स्थित विंढमगंज क्षेत्र में मंगलवार, 25 नवंबर 2025 की रात ऐतिहासिक एवं पारंपरिक रीति-रिवाजों के बीच भगवान श्रीराम का विवाह उत्सव बड़े ही हर्षोल्लास के साथ सम्पन्न हुआ। रात्रि लगभग 8 बजे राम–जानकी मंदिर परिसर से भगवान श्रीराम की भव्य बारात निकाली गई, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालु उत्साहपूर्वक शामिल हुए। बारात जैसे ही मंदिर प्रांगण से आगे बढ़ी, पूरे क्षेत्र में जयकारों और भक्तिमय धुनों की गूंज फैल गई।
भगवान की बारात राष्ट्रीय राजमार्ग NH-39 होते हुए मुडीसेमर चौराहा, काली मंदिर मार्ग से गुजरती हुई विंढमगंज की विभिन्न गलियों में निकाली गई। जगह-जगह श्रद्धालुओं ने आरती उतारकर बारात का स्वागत किया। डीजे की मनमोहक धुनों, पारंपरिक गीत-गारी और नृत्य के साथ पूरा वातावरण धार्मिक उत्साह से सराबोर हो गया। महिलाएं हाथों में कलश लिए मंगल गीत गाती रहीं, वहीं युवाओं में भी विशेष उत्साह देखा गया।
प्रदक्षिणा के बाद बारात पुनः राम–जानकी मंदिर पहुंची, जहाँ विधिवत वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच भगवान श्रीराम और माता सीता का पवित्र विवाह संस्कार सम्पन्न किया गया। पुरोहितों ने परंपरागत हिंदू विधियों से सभी संस्कार कराए। विवाह के दौरान पूरे परिसर में दिव्य सजावट, रोशनी और भक्ति की अद्भुत छटा देखने को मिली। श्रद्धालुओं ने “सीता–राम” के जयघोष के साथ विवाह उत्सव को यादगार बना दिया।
विंढमगंज क्षेत्र के सम्मानित जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, ग्रामवासी एवं दूर-दूर से आए भक्तों की व्यापक उपस्थिति ने इस कार्यक्रम को भव्यता प्रदान की। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी ने धार्मिक परंपराओं का आनंद उठाया और भगवान श्रीराम के विवाह की इस अनोखी परंपरा को अपनी सहभागिता से और भी महत्वपूर्ण बना दिया।
विंढमगंज सोनभद्र से जितेंद्र प्रसाद गुप्ता की रिपोर्ट
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