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बोर्ड परीक्षा 2026 को नकल विहीन बनाने के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में 11 फरवरी को अहम बैठक।

बोर्ड परीक्षा 2026 को नकल विहीन बनाने के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में 11 फरवरी को अहम बैठक।

सोनभद्र जिले में उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा आयोजित की जाने वाली हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा 2026 को शुचितापूर्ण, सुरक्षित और नकल विहीन संपन्न कराने के लिए प्रशासन पूरी तरह कमर कस चुका है। इसी क्रम में जिला विद्यालय निरीक्षक, सोनभद्र ने एक आधिकारिक पत्र जारी कर आगामी 11 फरवरी 2026 को एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक बुलाने की घोषणा की है।
जिलाधिकारी करेंगे बैठक की अध्यक्षता
शासन के निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए यह बैठक जिलाधिकारी महोदय की अध्यक्षता में आयोजित की जाएगी। पत्र के अनुसार, बैठक का आयोजन 11 फरवरी 2026 को सुबह 11:00 बजे जिला पंचायत संसाधन केंद्र (D.P.R.C.), विकास भवन के पास, सोनभद्र के सभागार में किया जाएगा।
इन अधिकारियों की उपस्थिति रहेगी अनिवार्य
परीक्षा की गंभीरता को देखते हुए इस बैठक में जिले के सभी संबंधित अधिकारियों और प्रभारियों को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक में मुख्य रूप से निम्नलिखित अधिकारियों को बुलाया गया है:
जनपद के समस्त सेक्टर मजिस्ट्रेट।
सभी स्टेटिक मजिस्ट्रेट।
समस्त विद्यालयों के प्रधानाचार्य और केंद्र व्यवस्थापक।
बाह्य केंद्र व्यवस्थापक।
नकल विहीन परीक्षा पर मुख्य फोकस
मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश शासन द्वारा 23 जनवरी 2026 को जारी किए गए दिशा-निर्देशों के क्रम में, प्रशासन का प्राथमिक लक्ष्य परीक्षाओं को शांतिपूर्ण और बिना किसी धांधली के संपन्न कराना है। बैठक के दौरान परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरों की स्थिति, प्रश्नपत्रों के रखरखाव और अन्य तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की जाएगी। जिला विद्यालय निरीक्षक जयराम सिंह द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि सभी केंद्र व्यवस्थापक अपनी तैयारियों की पूरी रिपोर्ट के साथ बैठक में अनिवार्य रूप से उपस्थित होंगे।
तैयारियों को अंतिम रूप देने का निर्देश
प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। परीक्षा केंद्रों पर शुचिता बनाए रखने के लिए सेक्टर मजिस्ट्रेटों को उनकी जिम्मेदारियां सौंपी जा रही हैं। इस बैठक के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि परीक्षार्थियों को एक भयमुक्त वातावरण मिले और मेधावी छात्रों के भविष्य के साथ कोई खिलवाड़ न हो सके।

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