
बुक माफिया का बड़ा खेल उजागर! Aristo Academy और Vidya Books and Stationary पर उठे सवाल।
विंढमगंज (सोनभद्र): क्षेत्र में निजी स्कूलों और बुक विक्रेताओं की मिलीभगत का एक बड़ा मामला सामने आया है। Aristo Academy द्वारा जारी कक्षा-1 की बुक लिस्ट और Vidya Books and Stationary के बिल ने अभिभावकों की परेशानी को उजागर कर दिया है। दोनों दस्तावेजों में किताबों और स्टेशनरी का कुल खर्च करीब 2300 से 2835 रुपये तक दिखाया गया है, जिससे यह साफ होता है कि अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला जा रहा है।
अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल प्रबंधन द्वारा एक तय दुकान से ही किताबें, कॉपी, कवर और अन्य सामग्री खरीदने के लिए दबाव बनाया जाता है। बाजार में सस्ती दरों पर उपलब्ध सामान को नजरअंदाज कर महंगे पैकेज थोपे जा रहे हैं। इससे गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए बच्चों की पढ़ाई एक बड़ी चुनौती बनती जा रही है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी की भूमिका बेहद अहम हो जाती है। शासन के स्पष्ट निर्देश हैं कि कोई भी निजी विद्यालय अभिभावकों को किसी विशेष दुकान से सामान खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकता। इसके बावजूद इस तरह की मनमानी खुलकर सामने आ रही है।
स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे मामले की जांच कर दोषी विद्यालय और संबंधित दुकानदार पर सख्त कार्रवाई की जाए। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो यह समस्या और विकराल रूप ले सकती है।
अब देखना यह होगा कि शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन इस मामले में कितनी गंभीरता दिखाते हैं। अगर ठोस कदम उठाए गए, तो न सिर्फ अभिभावकों को राहत मिलेगी, बल्कि शिक्षा के नाम पर चल रहे इस “बुक माफिया” पर भी अंकुश लगाया जा



