
ठंड में मानवता की गर्माहट: जय श्री फाउंडेशन ने 250 कंबलों का वितरण कर रचा सेवा का नया अध्याय।
विंढमगंज (सोनभद्र)।
कड़ाके की ठंड के बीच मानवता और सेवा भावना की मिसाल पेश करते हुए जय श्री फाउंडेशन के सौजन्य से विंढमगंज थाना क्षेत्र के डुमरा ग्राम पंचायत में गरीब, असहाय एवं जरूरतमंद लोगों के बीच 250 कंबलों का निःशुल्क वितरण किया गया। इस सराहनीय पहल से क्षेत्र के जरूरतमंद परिवारों को ठंड से राहत मिली और उनके चेहरों पर सुकून की मुस्कान देखने को मिली।

कार्यक्रम का शुभारंभ स्वर्गीय जय श्री प्रसाद गुप्ता जी के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि के साथ किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित विंढमगंज थाना अध्यक्ष श्री चंद्रशेखर सिंह ने अपने कर-कमलों से जरूरतमंदों को कंबल वितरित किए। उन्होंने जय श्री फाउंडेशन के इस सामाजिक प्रयास की भूरी-भूरी प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे सेवा कार्य समाज में सकारात्मक ऊर्जा और आपसी सहयोग की भावना को मजबूत करते हैं।

जय श्री फाउंडेशन के अध्यक्ष श्री संतोष कुमार गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि यह संस्था उनके पिता एवं प्रेरणा स्रोत स्वर्गीय जय श्री प्रसाद गुप्ता (जयश्री गुरुजी) के विचारों और आदर्शों पर आधारित है। उन्होंने कहा कि “शिक्षा, सेवा और संस्कार” को जीवन का मूल मंत्र बनाकर ही एक सशक्त, समरस और संवेदनशील समाज का निर्माण किया जा सकता है। फाउंडेशन भविष्य में शिक्षा के प्रसार, महिला सशक्तिकरण, सामाजिक एकता तथा पर्यावरण संरक्षण जैसे क्षेत्रों में निरंतर सक्रिय भूमिका निभाएगा।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि संस्था का संकल्प है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे, कोई भी परिवार ठंड या अभाव से न जूझे और समाज का कोई भी वर्ग सम्मान व अवसर से वंचित न हो। सेवा ही फाउंडेशन की सबसे बड़ी शक्ति है और यही समाज की मजबूत नींव बनेगी।
कार्यक्रम में फाउंडेशन के कई पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे, जिनमें सचिव श्री राकेश कुमार गुप्ता (एडवोकेट), कोषाध्यक्ष आकांक्षा प्रिया, उपाध्यक्ष सौरभ गुप्ता, सहायक सचिव प्रेमचंद गुप्ता (एडवोकेट), उप कोषाध्यक्ष प्रतीक कुमार, संगठन मंत्री विवेक तिवारी, फाइनेंस ऑडिटर सहलाकर सुनील कुमार गुप्ता (सीए) एवं विधिक सहलाकर देवेश मोहन प्रमुख रूप से शामिल रहे।
विंढमगंज, सोनभद्र से जितेन्द्र प्रसाद की रिपोर्ट — भारत दृष्टि लाइव न्यूज, बने रहिए हमारे साथ।



