बरसात में सड़क पूरी तरह बंद, फसल के दिनों में भी जर्जर स्थिति — प्रशासन मौन, ग्रामीणों में बढ़ रहा आक्रोश
केतार (गढ़वा): गढ़वा जिले के केतार प्रखंड के परती कुशवानी पंचायत अंतर्गत ग्राम छाताकुण्ड टोला योगीयाबीर मेन रोड से दक्षिण दिशा में खोन्हर घाटी तक जाने वाली सड़क पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। बरसात के मौसम में यह सड़क पूरी तरह बंद हो जाती है और फसल के दिनों में भी इसकी स्थिति बेहद दयनीय बनी रहती है। कहीं 4 फीट गहरे गड्ढे, तो कहीं 2 फीट तक पानी का जमाव देखा जा सकता है।

कई जगहों पर सड़कें तो नदी का रूप ले चुकी हैं।अत्यधिक बारिश के पानी सडक पर आने कारण पुल के पास भी पानी का भारी जमाव हो गया है, जिससे लोगों का आना-जाना लगभग बंद पड़ गया है। इस वजह से क्षेत्र के लगभग 50 किसान अपनी कटाई की हुई फसल खेत से घर तक नहीं ला पा रहे हैं। रोज इसी मार्ग से गुजरने वाले चेरवानी टोला के लोग भी रोज़ाना मजबूरी में पैदल ही आवागमन करते हैं।

हालात इतने खराब हैं कि एक बार प्रखण्ड केतार के पूर्व अमीन नवल किशोर तिवारी को भी हाथ में चप्पल लेकर कीचड़ व पत्थर,पानी भरी सड़क पर पैदल चलना पड़ा था।सबसे दयनीय दृश्य तब देखने को मिला जब एक बीमार महिला को चार महिलाओं ने मिलकर टांगकर (खटोली के सहारे) मुख्य सड़क तक पहुंचाया। ग्रामीणों का कहना है कि यह रोजमर्रा की मजबूरी बन चुकी है बीमार व्यक्ति, स्कुली बच्चे, गर्भवती महिलाएं और बुजुर्ग लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हैं।

वहीं, स्कूल जाने वाले बच्चे भी जान जोखिम के कारण स्कूल नहीं जा पा रहे — वे अब जंगल में गाय-बकरी चराने को अधिक सुरक्षित मानते हैं| ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की यह स्थिति कई महीनों से बनी हुई है, लेकिन अब तक प्रशासन या संबंधित विभाग की ओर से कोई कार्रवाई नहीं हुई है।हर साल फसल ढोते समय दो ट्रैक्टरों के पलटने की घटनाएं हो जाती हैं, जिससे किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ा है। इस वर्ष अधिक वर्षा के कारण सड़क की हालत और भी खराब हो गई है, जिससे कभी भी बड़ी अनहोनी घटना हो सकती है।

इस समस्या को लेकर किसानों में गहरा आक्रोश है। आक्रोश व्यक्त करने वालों मे राम ध्यान प्रजापति, आनंददेव प्रजापति, गिरवर प्रजापति, राजू प्रजापति, बीरबल प्रजापति, उपेंद्र प्रजापति, रामेश्वर सिंह, बिंदु सिंह, कुंडल सिंह, रामु सिंह, भीम सिंह, लक्ष्मण सिंह, बीरबल सिंह, रविंद्र गुप्ता, विरेंद्र गुप्ता, चंद्रदेव साह, शशि गुप्ता, सोनू गुप्ता, केशर प्रसाद गुप्ता, संतोष गुप्ता, जुगुल गुप्ता, त्रिवेणी साह, मनतोष कुमार, नीरज कुमार, अशिष कुमार, विनोद साह, रामजन्म अगरिया, मनटेश कुमार, दशरथ कुमार, भुवनेश्वर अगरिया, कैलाश अगरिया, संतोष अगरिया, लाल बहादुर अगरिया, सोनू अगरिया, दिनेश अगरिया, लालमुनी अगरिया, रविंद्र अगरिया, नरेश शाह, उपेंद्र गुप्ता, सुभाषचंद्र साह, गोविंद साह, गंगेश्वर साह, रवि कुमार गुप्ता, शंभू गुप्ता, राजू गुप्ता, नंदू साह, ओमप्रकाश गुप्ता, हरीहर गुप्ता, अमरदेव गुप्ता, जमुना सिंह, विजय सिंह, अजय सिंह सहित सैकड़ों ग्रामीण शामिल हैं।

ग्रामीणों ने बताया कि इस संबंध में केतार प्रखंड विकास पदाधिकारी को पहले से सूचना दी जा चुकी है, फिर भी अब तक कोई पहल नहीं हुई है। लोगों ने प्रशासन से तत्काल सड़क और पुल के पास जलजमाव की समस्या का समाधान करने की मांग की है ताकि किसानों की परेशानियां कम हो सकें और ग्रामीणों, छात्रों व मरीजों का संपर्क शिक्षा व स्वास्थ्य सेवाओं से पुनः जुड़ सके
स्थानीय समाजसेवी का कहना है
छाताकुण्ड टोला योगीयाबीर मेन रोड से दक्षिण खोन्हर घाटी तक जाने वाली सड़क पूरी तरह जर्जर ठिक करायें प्रशासन नही तो मजबूरन किसान फसल लाने को उसी रास्ते से मजबूर हुए और किसी प्रकार का घटना घटती है तो सारी जवाबदेही प्रशासन की हो जाएगी और हम लोग आंदोलन करेगें



