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केतार प्रखंड में मनरेगा योजनाओं व अवैध बालू उत्खनन को लेकर प्रशासन को पत्र

गढ़वा। केतार प्रखंड में मनरेगा अंतर्गत योजनाओं की स्वीकृति नहीं मिलने और अवैध बालू उत्खनन की बढ़ती समस्या को लेकर प्रखंड प्रमुख चंद्रावती देवी ने उपायुक्त, गढ़वा को पत्र लिखकर गंभीर चिंता जताई है।

प्रखंड प्रमुख द्वारा भेजे गए पत्र में बताया गया है कि गढ़वा जिले के अंतिम छोर पर स्थित केतार प्रखंड में नई योजनाओं की स्वीकृति नहीं होने के कारण मजदूरों का पलायन लगातार बढ़ रहा है। वहीं, पहाड़ी इलाका होने के कारण किसान अपनी भूमि रहते हुए भी मौसमी फसल का उत्पादन नहीं कर पा रहे हैं। ऐसी स्थिति में मनरेगा के तहत कुआं, मेड़बंदी, समतलीकरण, तालाब तथा पुराने बांधों की मरम्मति जैसी योजनाओं को स्वीकृति दिए जाने की मांग की गई है, ताकि क्षेत्र के किसानों और मजदूरों को राहत मिल सके।

वहीं दूसरे पत्र में केतार प्रखंड के सोन एवं पंडा नदी से बड़े पैमाने पर हो रहे अवैध बालू उत्खनन का मुद्दा उठाया गया है। पत्र में उल्लेख है कि स्थानीय लोगों एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा बार-बार सूचना दिए जाने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है, जिससे अवैध तत्वों का मनोबल बढ़ रहा है। इसके कारण सरकार को राजस्व की हानि, नदियों के प्राकृतिक स्वरूप को नुकसान और किसी भी समय बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी हुई है।

प्रखंड प्रमुख चंद्रावती देवी ने उपायुक्त से आग्रह किया है कि केतार प्रखंड के सभी प्रभावित क्षेत्रों में अवैध बालू उत्खनन पर तत्काल रोक लगाई जाए तथा संबंधित थाना, अंचल और खनन विभाग को विशेष निगरानी, नियमित गश्ती एवं दंडात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए जाएं।

उन्होंने आशा व्यक्त की है कि प्रशासन शीघ्र हस्तक्षेप कर जनहित एवं राजस्व हित की रक्षा करेगा।

केतार से रवि कुमार गुप्ता की रिपोर्ट✍

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