Homeबड़ी खबरेताजा खबरएफपीओ एवं एसएचजी के लिए विशेष वर्चुअल प्रशिक्षण सेमिनार सफलतापूर्वक संपन्न।

एफपीओ एवं एसएचजी के लिए विशेष वर्चुअल प्रशिक्षण सेमिनार सफलतापूर्वक संपन्न।

एफपीओ एवं एसएचजी के लिए विशेष वर्चुअल प्रशिक्षण सेमिनार सफलतापूर्वक संपन्न

सोनभद्र / लखनऊ, 21 दिसंबर 2025।
तेजस्वी किसान मार्ट द्वारा आज दोपहर 2 बजे “आधुनिक अनाज सुखाने की तकनीक एवं मथारू ज़ेड–मोबाइल ड्रायर” विषय पर एक विशेष वर्चुअल सेमिनार का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम गूगल मीट प्लेटफॉर्म के माध्यम से संपन्न हुआ, जिसमें देश के विभिन्न राज्यों से एफपीओ (किसान उत्पादक संगठन) एवं एसएचजी (स्वयं सहायता समूह) के प्रतिनिधियों ने सक्रिय सहभागिता की।

सेमिनार में आधुनिक पोस्ट-हार्वेस्ट प्रबंधन तकनीकों पर विस्तार से जानकारी दी गई। मथारू ज़ेड–मोबाइल ड्रायर को ट्रैक्टर-संचालित, पूर्णतः पोर्टेबल एवं बिजली रहित (पीटीओ आधारित) तकनीक के रूप में प्रस्तुत किया गया, जो धान, मक्का, सोयाबीन सहित विभिन्न फसलों के लिए उपयोगी है। यह तकनीक एफपीओ और एसएचजी के लिए लागत प्रभावी समाधान के रूप में सराही गई।

कार्यक्रम में बिहार, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ एवं उत्तर प्रदेश के एफपीओ प्रतिनिधियों ने भाग लिया। मथारू कंपनी की ओर से गुरिंदर सिंह एवं राघवेंद्र सिंह ने तकनीकी सत्र में विस्तृत जानकारी साझा की। कार्यक्रम का संचालन हिमांशु चतुर्वेदी ने किया।

तेजस्वी किसान मार्ट के संस्थापक इंजीनियर प्रकाश पांडेय ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए तेजस्वी संगठन न्यास एवं तेजस्वी किसान मार्ट की गतिविधियों, उद्देश्यों तथा किसानों के हित में चल रहे नवाचारों की जानकारी दी।

इस अवसर पर प्रमुख रूप से हिमांशु चतुर्वेदी, राघवेंद्र सिंह, गोपाल यदु, जितेंद्र वर्मा, स्मिता, दिलीप कुमार, मुकेश, हुकम सिंह, शिवबंकी एफपीसीएल, खाती, प्रमोद बिराजदार, वीरेश, कोशी केयर फाउंडेशन, प्रकाश, एनईएम, डायमंड, रुपवारा मारवन फेड, अतुल, रमेश सिंह, एफपीओ बोखरा, ब्रह्मपाल सिंह, गुरिंदर सिंह, शुभम, प्रीति, खेड़ा कुर्सी किसान, अंकुर मिश्रा, जगदीश कुमार, शैलेंद्र दास एवं इसरपुरा एफपीओ सहित अनेक प्रतिनिधियों की सहभागिता उल्लेखनीय रही।

यह वर्चुअल सेमिनार एफपीओ एवं एसएचजी के लिए आधुनिक कृषि तकनीकों की समझ बढ़ाने, पोस्ट-हार्वेस्ट नुकसान कम करने तथा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक सार्थक एवं प्रभावी पहल के रूप में सराहा गया।

RELATED ARTICLES

Most Popular