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इंटर कॉलेज में शिक्षकों की कमी से शिक्षा संकट, अभिभावकों ने जिलाधिकारी से हस्तक्षेप की मांग की

इंटर कॉलेज में शिक्षकों की कमी से शिक्षा संकट, अभिभावकों ने जिलाधिकारी से हस्तक्षेप की मांग की

विंढमगंज (सोनभद्र)। झारखंड सीमा से सटे विंढमगंज क्षेत्र के एकमात्र अर्द्ध–वित्तपोषित इंटरमीडिएट संस्थान भारती इंटर कॉलेज में शिक्षकों की कमी, जर्जर भवन और प्रबंध समिति की निष्क्रियता को लेकर स्थानीय अभिभावक, जनप्रतिनिधि एवं सामाजिक कार्यकर्ता सक्रिय हो गए हैं। लगभग एक हजार विद्यार्थियों का भविष्य दांव पर होने की स्थिति पर अब अभिभावकों ने जिलाधिकारी सोनभद्र से हस्तक्षेप की मांग की है।स्थानीय शिक्षा प्रेमियों का कहना है कि कभी इस विद्यालय में दो हजार तक छात्र-छात्राएं अध्ययन करते थे, लेकिन बीते 12 वर्षों से प्रबंधन की उदासीनता, संसाधनों की कमी और शिक्षकों की भारी कमी के चलते छात्र संख्या तेजी से घटी है। हाल ही में अंग्रेजी के एकमात्र शिक्षक दिनेश मणि त्रिपाठी और गणित शिक्षक चंदन प्रजापति के स्थानांतरण ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है।अभिभावकों एवं समाजसेवियों ने जिलाधिकारी को भेजे ज्ञापन में प्रमुख मांगें रखते हुए कहा कि विद्यालय में शिक्षकों की भर्ती तत्काल की जाए, जर्जर भवन को गिरा कर नया भवन बनाया जाए तथा विद्यालय की जमीन को कब्जा मुक्त कराया जाए। साथ ही 12 वर्षों से निष्क्रिय प्रबंध समिति को भंग कर विद्यालय को राजकीय इंटर कॉलेज का दर्जा देने की भी मांग उठाई गई।ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि विद्यालय के आय–व्यय की स्वतंत्र जांच कर प्रबंधन की जवाबदेही तय की जाए, ताकि सरकारी सहायता का सही उपयोग सुनिश्चित हो सके।स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि विंढमगंज विकासखंड आदिवासी एवं पिछड़ा बहुल क्षेत्र है, जहां शिक्षण संस्थान पहले से ही सीमित हैं। ऐसे में भारती इंटर कॉलेज की स्थिति खराब होना क्षेत्र के हजारों विद्यार्थियों के भविष्य के लिए गंभीर चिंता का विषय है।अभिभावकों ने उम्मीद जताई है कि जिलाधिकारी एवं संबंधित विभाग उनकी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए उचित कार्रवाई करेंगे, ताकि छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके और संस्थान अपने पुराने गौरव को पुनः प्राप्त कर सके।

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