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एक तरफ धन्यवाद, दूसरी तरफ दुर्दशा! भारतीय इंटर कॉलेज की बदहाल तस्वीर ने खड़े किए बड़े सवाल, सुंदरीकरण की उठी मांग।

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एक तरफ धन्यवाद, दूसरी तरफ दुर्दशा! भारतीय इंटर कॉलेज की बदहाल तस्वीर ने खड़े किए बड़े सवाल, सुंदरीकरण की उठी मांग।


विंढमगंज (सोनभद्र)। क्षेत्र के भारतीय इंटर कॉलेज को लेकर एक ही दिन सामने आई दो अलग-अलग तस्वीरों ने शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर विद्यालय में विद्यार्थियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने पर धन्यवाद ज्ञापन दिया गया, वहीं दूसरी ओर विद्यालय की जर्जर स्थिति, मूलभूत सुविधाओं की कमी और सुंदरीकरण की मांग को लेकर तहसील दिवस में प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया।
इस विरोधाभासी स्थिति ने स्थानीय लोगों, अभिभावकों और छात्रों के बीच चर्चा का विषय बना दिया है। लोगों का कहना है कि यदि विद्यालय की व्यवस्था पूरी तरह संतोषजनक है तो फिर तहसील दिवस में शिकायत और ज्ञापन देने की आवश्यकता क्यों पड़ी? वहीं यदि विद्यालय की वास्तविक स्थिति खराब है, तो केवल योजनाओं का लाभ गिनाने से शिक्षा व्यवस्था मजबूत नहीं हो सकती।
बताया जा रहा है कि विद्यालय परिसर में कई स्थानों पर मरम्मत और रखरखाव की आवश्यकता है। छात्रों के लिए बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने हेतु भवन, परिसर और अन्य आवश्यक सुविधाओं के विकास की मांग लंबे समय से उठाई जा रही है। अभिभावकों का कहना है कि शिक्षा का अधिकार तभी सार्थक होगा, जब विद्यार्थियों को सुरक्षित, स्वच्छ और सुविधायुक्त विद्यालय उपलब्ध कराया जाएगा।
तहसील दिवस में दिए गए ज्ञापन में भारतीय इंटर कॉलेज के सुंदरीकरण, आवश्यक मरम्मत और मूलभूत सुविधाओं के विस्तार की मांग की गई है। लोगों ने उम्मीद जताई है कि जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग इस मामले को गंभीरता से लेते हुए स्थलीय निरीक्षण कराएगा तथा वास्तविक स्थिति के आधार पर आवश्यक कार्रवाई करेगा।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि सरकारी योजनाओं का लाभ विद्यार्थियों तक पहुंचना स्वागतयोग्य है, लेकिन इसके साथ-साथ विद्यालय के भौतिक ढांचे को भी मजबूत बनाना उतना ही आवश्यक है। अब सबकी निगाहें जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग पर टिकी हैं कि भारतीय इंटर कॉलेज की वास्तविक समस्याओं का समाधान कब होगा और सुंदरीकरण का कार्य कब शुरू किया जाएगा। यदि समय रहते इस दिशा में ठोस कदम उठाए जाते हैं, तो इससे हजारों विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सकेगा।

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