
बोल बम के जयघोष से गूंजा बरवां टोला, 105 किलोमीटर की कठिन पैदल यात्रा पर निकले शिवभक्त कांवरिया ।
सुल्तानगंज से पवित्र गंगाजल लेकर देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम में करेंगे जलाभिषेक, गेरुआ वस्त्रधारी श्रद्धालुओं को ग्रामीणों ने दी भावभीनी विदाई।
बभनी (सोनभद्र)। सावन माह की पावन छटा के बीच भगवान भोलेनाथ के प्रति अटूट श्रद्धा और आस्था का अद्भुत नजारा उस समय देखने को मिला, जब बरवां टोला, आरंगपानी से श्री दुर्वासा शंकर महादेव युवा कांवरिया संघ के शिवभक्त कांवरियों का जत्था झारखंड स्थित विश्व प्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथ धाम, देवघर के लिए रवाना हुआ। “हर-हर महादेव” और “बोल बम” के गगनभेदी जयघोष से पूरा क्षेत्र शिवमय हो उठा।
संघ के सभी श्रद्धालु पहले बिहार के सुल्तानगंज पहुंचेंगे, जहां उत्तरवाहिनी गंगा से पवित्र गंगाजल भरने के बाद लगभग 105 किलोमीटर की कठिन पैदल यात्रा तय कर देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ मंदिर में भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे। यह यात्रा श्रद्धा, तपस्या, अनुशासन और अटूट विश्वास का प्रतीक मानी जाती है।
गेरुआ वस्त्र धारण किए कांवरियों के हाथों में सजी कांवर और होठों पर “बोल बम” का उद्घोष हर किसी को शिवभक्ति के रंग में रंगता नजर आया। यात्रा शुरू होने से पहले भगवान शिव की विधिवत पूजा-अर्चना की गई तथा सभी श्रद्धालुओं की मंगलमय यात्रा के लिए विशेष प्रार्थना की गई।
संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि बाबा बैद्यनाथ धाम में जलाभिषेक कर सभी श्रद्धालु क्षेत्र में सुख-समृद्धि, शांति, अच्छी वर्षा, किसानों की खुशहाली और देश की उन्नति की कामना करेंगे। उन्होंने कहा कि कांवर यात्रा केवल धार्मिक आस्था नहीं, बल्कि सेवा, संयम, अनुशासन और सामाजिक एकता का भी संदेश देती है।
रवाना होने के अवसर पर गांव के बुजुर्गों, महिलाओं और युवाओं ने कांवरियों का फूल-मालाओं से स्वागत कर उनका उत्साहवर्धन किया। परिजनों ने बाबा भोलेनाथ से सभी श्रद्धालुओं की यात्रा सकुशल संपन्न होने की प्रार्थना की।
सावन के पवित्र महीने में निकली इस कांवर यात्रा ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय बना दिया है। श्रद्धालुओं का उत्साह और भगवान शिव के प्रति समर्पण यह दर्शाता है कि सनातन परंपरा आज भी समाज को आस्था, संस्कार और एकता के सूत्र में बांधने का कार्य कर रही है। “बोल बम” के जयघोष के साथ कांवरियों का जत्था बाबा बैद्यनाथ धाम की ओर श्रद्धा और विश्वास के साथ आगे बढ़ गया।



