
डीएम के आदेश भी बेअसर! भूमि पैमाइश के लिए दर-दर भटक रही विधवा, दुद्धी तहसील की कार्यशैली पर उठे सवाल।
दुद्धी, सोनभद्र। शासन की मंशा है कि आमजन की शिकायतों का त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण हो, लेकिन दुद्धी तहसील में एक विधवा महिला न्याय के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है। जिलाधिकारी के स्पष्ट आदेश के बावजूद भूमि पैमाइश न होने से पीड़िता को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
कस्बा दुद्धी निवासी ममता मौर्य ने जून माह के प्रथम शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी चर्चित गौड़ के समक्ष शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि वह अपनी दो विश्वा भूमि पर पुराने जर्जर मकान को तोड़कर नया मकान बनवा रही हैं, लेकिन कुछ विपक्षी लगातार निर्माण कार्य में बाधा उत्पन्न कर रहे हैं और विवाद खड़ा कर रहे हैं।
जिलाधिकारी के निर्देश पर उपजिलाधिकारी दुद्धी ने मामले के निस्तारण के लिए टीम गठित की, लेकिन पीड़िता का आरोप है कि कागजों में कार्रवाई दिखा दी गई, जबकि मौके पर आज तक भूमि की पैमाइश नहीं कराई गई। निर्धारित समय सीमा बीत जाने के बावजूद विवाद जस का तस बना हुआ है।
शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में पीड़िता एक बार फिर अधिकारियों के सामने पहुंची और भूमि पैमाइश कराकर न्याय दिलाने की गुहार लगाई। इसके बाद मामला पुनः तहसीलदार को सौंप दिया गया।
पीड़िता ममता मौर्य का कहना है कि जिलाधिकारी के आदेश के बावजूद तहसील प्रशासन की उदासीनता के कारण उन्हें मानसिक, आर्थिक और सामाजिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पैमाइश न होने का फायदा उठाकर विपक्षी मकान निर्माण में लगातार बाधा डाल रहे हैं।
अब बड़ा सवाल यह है कि जब जिलाधिकारी के आदेश के बाद भी एक विधवा महिला को न्याय नहीं मिल पा रहा है, तो आम लोगों की शिकायतों का निस्तारण आखिर किस स्तर पर और कैसे हो रहा है? दुद्धी तहसील की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवालों के बीच पीड़िता को न्याय कब मिलेगा, यह देखने वाली बात होगी।



