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एनएच उन्तालीस पर कनहर परियोजना में मजदूरों की जान से खिलवाड़, बिना सेफ्टी कराया जा रहा खतरनाक कार्य।

एनएच उन्तालीस पर कनहर परियोजना में मजदूरों की जान से खिलवाड़, बिना सेफ्टी कराया जा रहा खतरनाक कार्य।

सोनभद्र जिले के अंतर्गत ग्राम पंचायत हरनाकछार के अम्बेडकर चौराहा के पास स्थित नेशनल हाईवे एनएच उन्तालीस पर कनहर विभाग की नहर परियोजना के तहत ओवरफ्लाई ब्रिज से पानी सप्लाई के लिए कराया जा रहा निर्माण कार्य मजदूरों की जान के लिए खतरा बनता जा रहा है। हैरानी की बात यह है कि इस कार्य में ठेकेदार कंपनी द्वारा मजदूरों से बिना किसी सुरक्षा उपकरण के ऊंचाई पर काम कराया जा रहा है, जबकि नियमों के अनुसार हेलमेट, सेफ्टी बेल्ट, दस्ताने और सेफ्टी जूते अनिवार्य हैं।स्थल पर न तो किसी प्रकार का सेफ्टी साइन बोर्ड लगाया गया है और न ही खतरे को दर्शाने वाले चेतावनी संकेत मौजूद हैं। काम कर रहे किसी भी मजदूर के पास हेलमेट नहीं है, न हाथों में दस्ताने और न ही पैरों में सेफ्टी जूते। यहां तक कि साइड इंचार्ज सुभाराजू भी कार्यस्थल पर बिना किसी सुरक्षा उपकरण के मौजूद पाए गए। जब उनसे इस संबंध में सवाल किया गया तो उन्होंने कोई भी जवाब देने से साफ इंकार कर दिया।वहीं ठेकेदार मुरली यादव ने बेहद गैर-जिम्मेदाराना बयान देते हुए कहा कि “जिसे काम करना है वह करे, जिसे नहीं करना है वह न करे, सेफ्टी का सामान नहीं मिलेगा।” ठेकेदार के इस बयान से मजदूरों में भय और आक्रोश दोनों व्याप्त हैं।

गौरतलब है कि वर्ष 2018 में हरनाकछार क्षेत्र में इसी तरह बिना सेफ्टी काम कराने के दौरान सत्यनारायण विश्वकर्मा नामक मजदूर लगभग 45 फीट ऊंचाई से गिर गया था, जिससे उसकी कमर पूरी तरह टूट गई थी। आज वही सत्यनारायण विश्वकर्मा कंपनी द्वारा मात्र 6000 रुपये प्रतिमाह पर सिक्योरिटी गार्ड के रूप में रखा गया है और वह भी बिना किसी सुरक्षा व्यवस्था के काम करने को मजबूर है।स्थानीय लोगों का कहना है कि कनहर विभाग की यह परियोजना शुरू से ही बिना सेफ्टी मानकों के संचालित की जा रही है, लेकिन अब तक न तो किसी उच्च अधिकारी ने निरीक्षण किया और न ही स्थानीय प्रशासन ने संज्ञान लिया। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो किसी बड़े हादसे से इंकार नहीं किया जा सकता।लोगों ने शासन-प्रशासन और नहर विभाग के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि तत्काल कार्य रुकवाकर मजदूरों को सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए जाएं और लापरवाह ठेकेदार पर सख्त कार्रवाई की जाए।

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