
एनएच-39 की टूटी नाली बनी किसानों पर आफत, सलैयाडिह लैम्पस तक खाद पहुंचाना हुआ जोखिम भरा जिम्मेदार मौन
विण्ढमगंज (सोनभद्र)। थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत सलैयाडिह स्थित सरकारी लैम्पस खाद दुकान तक जाने वाला मार्ग और नेशनल हाईवे एनएच-39 पर बनी नाली की बदहाली अब किसानों के लिए गंभीर संकट बन चुकी है। नाली पूरी तरह जर्जर हो चुकी है और दिन-प्रतिदिन और अधिक टूटती जा रही है, जिससे लैम्पस तक खाद पहुंचाना बेहद जोखिम भरा हो गया है।

लैम्पस के कैडर सचिव दीप नारायण यादव ने बताया कि इस गंभीर समस्या की शिकायत कई बार उच्च अधिकारियों से मौखिक व लिखित रूप से की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। नतीजा यह है कि टूटी नाली और खराब रास्ते के कारण खाद लदे ट्रक लैम्पस तक आने में हिचकिचाते हैं। कई बार तो चालक जान जोखिम में डालकर गड्ढों और टूटे नाले को पार कर किसी तरह खाद पहुंचाते हैं। यदि नाली पूरी तरह ध्वस्त हो गई तो लैम्पस तक खाद पहुंचना असंभव हो जाएगा।
इसका सीधा असर क्षेत्र के किसानों पर पड़ेगा। समय पर खाद न मिलने से खेती प्रभावित होगी और किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ेगा। किसानों ने एक स्वर में मांग उठाई है कि टूटी नाली का तत्काल निर्माण कराया जाए और मार्ग को दुरुस्त किया जाए, ताकि सरकारी लैम्पस के माध्यम से खाद की आपूर्ति निर्बाध रूप से जारी रह सके।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नाली निर्माण कराने वाले ठेकेदार, संबंधित विभाग, जनप्रतिनिधि और शासन-प्रशासन की उदासीनता समझ से परे है। यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो यह समस्या बड़े आंदोलन का रूप ले सकती है। अब देखना यह है कि अधिकारी कब जागते हैं और किसानों के हित में कब ठोस कदम उठाते हैं।
विण्ढमगंज, सोनभद्र से — जितेन्द्र प्रसाद
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