सोनभद्र : उत्तर प्रदेश एटीएस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। सोनभद्र जिले के विंढमगंज क्षेत्र से झारखंड का कुख्यात नक्सली उमेश खेरवार उर्फ डाक्टर को गिरफ्तार किया गया है। उस पर झारखंड सरकार ने पाँच लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था।
कई जिलों में सक्रिय
गिरफ्तार नक्सली झारखंड के पलामू, गढ़वा और लातेहार जिलों में सक्रिय रहा है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार वह अब तक दो दर्जन से अधिक नक्सली घटनाओं में शामिल रहा है। इन घटनाओं में पुलिस और सुरक्षा बलों पर हमले, सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुँचाना और ग्रामीणों को धमकाना शामिल है।
मनातू मुठभेड़ से जुड़ा नाम
3 सितंबर को पलामू जिले के मनातू थाना क्षेत्र में हुई मुठभेड़ में दो जवान शहीद हुए थे। इस घटना का मास्टरमाइंड नगीना सब-जोनल कमांडर बताया गया था, लेकिन जांच में उमेश खेरवार की भी संलिप्तता सामने आई है। वह नक्सली संगठन में नगीना का करीबी माना जाता है।
हथियारों से लैस और बेहद खूंखार
एटीएस सूत्रों के मुताबिक उमेश खेरवार हमेशा एके-47 राइफल से लैस रहता था। उसकी गिनती संगठन के खूंखार नक्सलियों में की जाती है। उसके खिलाफ झारखंड पुलिस में कई मामले दर्ज हैं।
पूछताछ में जुटी एजेंसियाँ
गिरफ्तारी के बाद झारखंड के पलामू जिले की पुलिस को भी सूचना दे दी गई है। एनआईए और अन्य खुफिया एजेंसियां उससे पूछताछ कर रही हैं ताकि नक्सली नेटवर्क, छिपे ठिकाने और भविष्य की योजनाओं का खुलासा हो सके। अधिकारियों का मानना है कि उसकी गिरफ्तारी से नक्सली संगठन को करारा झटका लगा है।
पुलिस की बड़ी उपलब्धि
एटीएस अधिकारियों ने बताया कि उमेश खेरवार लंबे समय से फरार था और कई बार पुलिस को चकमा दे चुका था। उसकी गिरफ्तारी से राज्य में नक्सल विरोधी अभियान को और मजबूती मिलेगी।



