
रक्षाबंधन पर मिठाई दुकानों में खाद्य विभाग की छापेमारी, सैंपल लिए गए।
दुद्धी (सोनभद्र)। रक्षाबंधन पर्व को लेकर गुरुवार, 27 अगस्त को दुद्धी तहसील क्षेत्र में खाद्य विभाग की टीम ने मिठाई दुकानों पर सघन जांच अभियान चलाया। त्योहार के दौरान मिठाइयों की बढ़ती मांग को देखते हुए विभाग ने दुकानदारों को साफ-सफाई और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए।
अभियान के दौरान टीम ने विभिन्न मिठाई दुकानों और अस्थायी विक्रय स्थलों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने मिठाइयों की गुणवत्ता, निर्माण एवं भंडारण की स्थिति, साफ-सफाई तथा खाद्य पदार्थों को सुरक्षित तरीके से रखने की व्यवस्था का जायजा लिया। जांच के दौरान कुछ मिठाइयों के नमूने भी लिए गए, जिन्हें नियमानुसार प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा जाएगा।
मिठाई बेचने वालों के लिए साफ संदेश—गुणवत्ता से समझौता पड़ा भारी
रक्षाबंधन जैसे पवित्र पर्व पर बाजार में बड़ी मात्रा में मिठाइयों की बिक्री होती है। ऐसे में मिलावट या खराब गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थों की बिक्री को लेकर खाद्य विभाग की निगरानी महत्वपूर्ण हो जाती है। विभागीय कार्रवाई के बाद दुकानदारों में भी हलचल देखी गई।
खाद्य विभाग ने दुकानदारों को स्पष्ट रूप से खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता बनाए रखने, स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने और उपभोक्ताओं को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। विभाग की ओर से त्योहार के दौरान बाजार में निगरानी जारी रहने की संभावना है।
हालांकि, जिन मिठाइयों के नमूने लिए गए हैं, उनकी गुणवत्ता को लेकर अभी कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। प्रयोगशाला जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि संबंधित नमूने निर्धारित खाद्य मानकों पर खरे उतरते हैं या नहीं। रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पवित्र पर्व पर शुद्ध मिठाई उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी
रक्षाबंधन भाई-बहन के प्रेम और विश्वास का पर्व है। ऐसे मौके पर परिवारों तक शुद्ध, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण मिठाई पहुंचना बेहद जरूरी है। खाद्य विभाग की कार्रवाई से दुकानदारों को भी संदेश गया है कि त्योहार की बढ़ती मांग का लाभ उठाकर खाद्य गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए।
फिलहाल विभाग ने नमूने जांच के लिए लिए हैं। अब सभी की नजर प्रयोगशाला रिपोर्ट पर है। रिपोर्ट सामने आने के बाद ही पता चलेगा कि लिए गए नमूने खाद्य सुरक्षा मानकों पर कितने खरे उतरते हैं।



