
श्याम बिहारी उरांव के घर पहुंचे सदर विधायक भूपेश चौबे, परिजनों को दिया न्याय का भरोसा।
“दोषी कोई भी हो, बख्शा नहीं जाएगा” — विधायक
आदिवासी क्षेत्र में नेटवर्क, सुरक्षा और न्याय के मुद्दे भी उठाए गए।
कोन (सोनभद्र)। विकासखंड कोन के ग्राम पंचायत पीपरखाड़ के सिद्धवादामर टोला में श्याम बिहारी उरांव की संदिग्ध मौत के बाद राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी मामला गंभीर होता जा रहा है। सोमवार को सदर विधायक भूपेश चौबे मृतक के घर पहुंचे और परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। उन्होंने मृतक की आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की तथा शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की।
परिजनों से बातचीत के दौरान विधायक ने उन्हें भरोसा दिलाया कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसी भी गरीब, आदिवासी और कमजोर वर्ग के व्यक्ति के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
विधायक भूपेश चौबे ने कहा कि आदिवासी बहुल क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सुरक्षा, सम्मान और न्याय मिलना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी स्तर पर प्रशासनिक लापरवाही सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीणों ने विधायक के समक्ष क्षेत्र की एक अन्य गंभीर समस्या भी उठाई। उनका कहना था कि सिद्धवादामर और आसपास के कई गांव आज भी नेटवर्क की गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं, जिससे लोगों को सरकारी योजनाओं, आपातकालीन सेवाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य और संचार सुविधाओं का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीणों ने क्षेत्र में मोबाइल नेटवर्क व्यवस्था को मजबूत करने की मांग की।
विधायक ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि वे इस विषय को भी शासन स्तर पर उठाएंगे ताकि दूरस्थ और आदिवासी बहुल क्षेत्रों तक संचार सुविधाएं पहुंच सकें। परिजनों ने विधायक द्वारा दिए गए आश्वासन पर विश्वास जताते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद है कि निष्पक्ष जांच के बाद सच्चाई सामने आएगी और उन्हें न्याय मिलेगा।
अब पूरे क्षेत्र की निगाहें जांच प्रक्रिया और प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।



